वॉयस ऑफ बनारस।
वाराणसी।नगर आयुक्त अक्षत वर्मा के निर्देश पर अनवरत स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत नगर निगम टीम के द्वारा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा प्रतिदिन
चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान का असर दिखने लगा है। खास बात यह है कि नगर निगम द्वारा कुछ अन्तराल पर पुनः उस क्षेत्र में जाकर फीडबैक लिया जा रहा है, जिसमें पाया गया कि कई लोगों के द्वारा प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग बन्द कर दिया गया है तथा अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में दो प्रकार के डस्टबिन रखना शुरू कर दिया गया है।* उसी क्रम में आज नगर निगम की डाक्यूमेन्ट मैनेजर प्रीति सिंह के नेतृत्व में ए.आई.आई.एल.एस.जी. टीम द्वारा नगर के सप्तसागर, दवा मंडी, शिवाला, संकटमोचन, रामनगर, रामपुर, कबीरपुर रामनगर, भगीरथी नगर कालोनी नेवादा और काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र, तथा नगर निगम की आई0ई0सी0 एक्सपर्ट सरित तिवारी के नेतृत्व में बेसिक्स टीम के द्वारा आशापुर चौराहा एवं घुरौपुरए बसही फल दुकान एवं सब्जी मंडीएनई सड़क चरन नगर कॉलोनी एवं अहिरान गली, सूर्य कुंड, अकथा, इत्यादि क्षेत्र में सघन जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 500 घरों में जाकर डोर टू डोर कूड़े को अलग-अलग डस्टबिन में रखने एवं कूड़ा गाड़ी को कूड़ा देने, रोड पर कचरा ना डालें अपने घर के आस साफ सफाई बनाए रखें जिससे गंदगी कम होगी और साथ में लोगों को होम कंपोस्टिंग के बारे में बताया गया। साथ ही जागरूक किया गया कि अपने घर का गीला कचरा निकलता है उससे आप अपने घर में खाद बना सकते हैं। साथ ही नगर निगम की टीम के द्वारा आरंभ 6.0 अभियान के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ
जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके अन्तर्गत अभियान में दुकानदारों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के नुकसान और इसके विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई। लोगों से कहा गया कि वे कपड़े, जूट या कागज के थैले का इस्तेमाल करें। अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के कारण पर्यावरण, जल और वायु प्रदूषित होता है, जानवरों को नुकसान पहुंचता है और मिट्टी की उर्वरता को भी घटाता है। खास बात यह रही कि कई दुकानदार पहले से ही प्लास्टिक का इस्तेमाल छोड़कर कपड़े के थैले, जुट या कागज के बैग अपनाना शुरू कर दिये है, जो काशी शहर के लिए एक अच्छी पहल है । और उन्हें ये बताया गया कि वे अपने साथ कपड़े और जुट का थैला रखें और वाराणसी शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने में वाराणसी नगर निगम का सहयोग करें। अभियान में लोगों को बताया गया कि कचरे को चार हिस्सों में अलग करना बहुत ज़रूरी है:- जैसे गीला कचरा, सब्ज़ी और फलों के छिलके। सूखा कचरा’ जैसे कागज़, प्लास्टिक, डिब्बे। सैनिटरी कचरा’ जैसे नैपकिन, डायपर। हानिकारक कचरा’ जैसे बैटरी, बल्ब, कीटनाशक।
लोगों से कहा गया कि कचरा खुले में न फेंके और डोर.टू.डोर कलेक्शन की गाड़ियों में डाले अन्यथा इधर उधर आ फेंके।
खुले में कचरा फेंकने से गंदगी फैलती हैए बीमारियाँ होती हैं और मच्छर बढ़ते हैं।
इसके अलावाए घर पर ही गीले कचरे से खाद, होम कंपोस्टिंग, बनाने के तरीके भी बताए गए।